सदगुरु रविदास जी महाराज का संदेश धरातल पर उतारने का दायित्व हर भारतीय का: योगी


वाराणसी, 29 जुलाई (वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को संत शिरोमणि सदगुरु रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 'समरसता संकल्प अभियान' का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सीर गोवर्धनपुर स्थित श्री गुरु रविदास जन्मस्थली मंदिर में मत्था टेककर संत रविदास जी को श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, केंद्रीय विधि एवं न्याय राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, संत निरंजन दास सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। संत रविदास जी महाराज की 650वीं जयंती आगामी 20 फरवरी (माघी पूर्णिमा) को मनाई जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि गुरु पूर्णिमा से लेकर आगामी 20 फरवरी (माघी पूर्णिमा) तक भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्पों के अनुरूप 'समरसता संकल्प अभियान' को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाएगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सच्चे भारतीय का दायित्व है कि सदगुरु रविदास जी महाराज ने 650 वर्ष पूर्व जो समरसता, समानता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया था, उसे कर्म की साधना के माध्यम से धरातल पर उतारते हुए विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाया जाए।
उन्होंने कहा कि काशी की पावन धरती पर रहते हुए संत रविदास जी ने मां गंगा के प्रति अपनी अटूट आस्था व्यक्त करते हुए कहा था, "मन चंगा तो कठौती में गंगा।" यह संदेश आज भी समाज को आंतरिक पवित्रता, समानता और सद्भाव का मार्ग दिखाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सदगुरु रविदास जी महाराज भेदभाव, जाति-पांति और ऊंच-नीच से मुक्त समतामूलक समाज की स्थापना के प्रबल पक्षधर थे। उनका जीवन और संदेश आज भी सामाजिक समरसता तथा राष्ट्रीय एकता के लिए प्रेरणास्रोत है।

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