मोदी ने सचिवों के साथ दूसरी बैठक में वित्त, वाणिज्य और प्रौद्योगिकी मंत्रालयों के कार्यों की समीक्षा की
नयी दिल्ली 2 जुलाई (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को अपने आवास पर कुछ मंत्रालयों के सचिवों के साथ दूसरी उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की जिसमें वित्त एवं अर्थव्यवस्था, वाणिज्य एवं उद्योग तथा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों से संबंधित मंत्रालयों और विभागों के भविष्य के कार्यकमों की समीक्षा की गयी।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया कि श्री मोदी ने मंत्रालयों और विभागों में टीम निर्माण पर विशेष बल देने का आह्वान किया तथा अधिकारियों से साझा उद्देश्य की भावना के साथ कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने सरकार के भीतर विभागीय अलगाव को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और समेकित परिणाम प्रदान करें।
नागरिक-केंद्रित शासन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लोगों को शासन के केंद्र में रखा जाना चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि प्रत्येक निर्णय और नीति का मार्गदर्शन आम नागरिक के हितों और आकांक्षाओं से होना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर बल दिया कि जहां भारत अवसंरचना में महत्वपूर्ण निवेश कर रहा है, वहीं स्वदेशी प्रौद्योगिकियों के विकास को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने प्रौद्योगिकीय आत्मनिर्भरता तथा महत्वपूर्ण क्षेत्रों में घरेलू क्षमताओं के निर्माण के महत्व को रेखांकित किया।
श्री मोदी ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा का राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक स्थिरता और नागरिकों के कल्याण से घनिष्ठ संबंध है। उन्होंने कहा कि देश को नवाचार, विविधीकरण और तीव्र क्षमता निर्माण के माध्यम से ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करनी चाहिए।
इस बात पर बल देते हुए कि सुधार केवल एक प्रचलित शब्द नहीं बल्कि प्रभावी शासन के लिए निरंतर आवश्यकता हैं, प्रधानमंत्री ने प्रक्रियाओं में सुधार, कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने और संस्थागत दक्षता को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी के बढ़ते उपयोग के साथ-साथ डिजिटल प्रणालियों और अवसंरचना की सुरक्षा के लिए साइबर सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने उभरते साइबर खतरों के प्रति निरंतर सतर्कता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने साइबर सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में युवा नवोन्मेषकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करने का आह्वान किया तथा इस बात पर बल दिया कि इसे राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए।
श्री मोदी ने उन रणनीतिक क्षेत्रों के संबंध में, जिनमें देश बड़ी पहल कर रहा है, भ्रामक सूचनाओं और निराधार आशंकाओं का मुकाबला करने के लिए सक्रिय संचार के महत्व पर भी बल दिया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि उभरते और भविष्य के उद्योगों के लिए आवश्यक कौशल से कार्यबल को सुसज्जित करने के लिए उद्योगों की भागीदारी में नये शैक्षणिक पाठ्यक्रमों की योजना बनायी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को सदैव युवा, गतिशील और दूरदर्शी बने रहना चाहिए तथा नई चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप निरंतर फुर्ती और नवाचार के साथ स्वयं को ढालते रहना चाहिए।
बैठक में सचिवों द्वारा अपने-अपने कार्यक्षेत्रों में प्रगति, प्राथमिकताओं और क्रियान्वयन से संबंधित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा प्रस्तुत की गयी। बैठक में कैबिनेट सचिव, प्रमुख मंत्रालयों एवं विभागों के सचिव तथा प्रधानमंत्री कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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