द स्टेट्समैन ने ग्रामीण और पर्यावरण रिपोर्टिंग पर वार्षिक पत्रकारिता पुरस्कारों के लिए प्रविष्टियां मांगीं, अंतिम तिथि 20 अगस्त

द स्टेट्समैन ने ग्रामीण और पर्यावरण रिपोर्टिंग पर वार्षिक पत्रकारिता पुरस्कारों के लिए प्रविष्टियां मांगीं, अंतिम तिथि 20 अगस्त

नयी दिल्ली, 07 अगस्त (वार्ता) अंग्रेजी समाचार पत्र 'द स्टेट्समैन' ने ग्रामीण भारत और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर उत्कृष्ट पत्रकारिता को सम्मानित करने के लिए अपने वार्षिक 'ग्रामीण रिपोर्टिंग पुरस्कार' और 'सीआर ईरानी फाउंडेशन पर्यावरण रिपोर्टिंग पुरस्कार' के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित की हैं।




देश भर के पत्रकार इन पुरस्कारों के लिए आवेदन कर सकते हैं। इनमें नकद राशि दी जायेगी। इसके लिए 2025 में प्रकाशित रिपोर्टें ही स्वीकार की जायेंगी।



दशकों से गुणवत्तापूर्ण पत्रकारिता को बढ़ावा दे रहे ये पुरस्कार ग्रामीण भारत और पर्यावरण के उन मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग को पहचान दिलाना चाहते हैं, जिन्हें अक्सर मुख्यधारा के मीडिया में पर्याप्त जगह नहीं मिलती।


1973 में शुरू किये गये 'द स्टेट्समैन ग्रामीण रिपोर्टिंग पुरस्कार' का उद्देश्य भारत के गांवों की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक वास्तविकताओं की कवरेज को बढ़ावा देना था। इस वर्ष पत्रकार 'सीआर ईरानी फाउंडेशन पर्यावरण रिपोर्टिंग पुरस्कार' के साथ-साथ तीन ग्रामीण रिपोर्टिंग पुरस्कारों के लिए प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।


ग्रामीण रिपोर्टिंग श्रेणी के तीन पुरस्कारों में 25,000 रुपये, 15,000 रुपये और 10,000 रुपये का नकद इनाम शामिल है। भारतीय पत्रकार ग्रामीण भारत पर अपने खोजपूर्ण लेख और रिपोर्ट भेज सकते हैं। प्रविष्टियां अंग्रेजी या किसी भी क्षेत्रीय भाषा में हो सकती हैं। इसके लिए उनका अंग्रेजी अनुवाद साथ में होना जरूरी नहीं है। रिपोर्ट 2025 में किसी भी भारतीय समाचार पत्र या पत्रिका में प्रकाशित हुई होनी चाहिए।


निर्णायकों का एक पैनल सामाजिक प्रासंगिकता, तथ्यात्मक सटीकता, पेशेवर समर्पण और लेखन की गुणवत्ता के आधार पर प्रविष्टियों का मूल्यांकन करेगा। यह प्रतियोगिता केवल भारत में रहने वाले पत्रकारों के लिए है। सभी प्रविष्टियों पर स्पष्ट रूप से 'रूरल रिपोर्टिंग' लिखा होना चाहिए। पत्रकारों को अखबारों की मूल कतरनें भेजनी होंगी। फोटोकॉपी स्वीकार नहीं की जायेगी। प्रत्येक कतरन पर प्रकाशन की तारीख और समाचार पत्र या पत्रिका का नाम साफ दिखाई देना चाहिए।


इसके साथ ही, सीआर ईरानी फाउंडेशन अपने पर्यावरण रिपोर्टिंग पुरस्कार के लिए भी आवेदन आमंत्रित कर रहा है। इस पुरस्कार के तहत 25,000 रुपये का नकद इनाम दिया जायेगा। भारतीय पत्रकार किसी भी भारतीय समाचार पत्र या पत्रिका में 2025 में प्रकाशित पर्यावरण संबंधी मुद्दों पर अपनी खोजपूर्ण रिपोर्ट जमा कर सकते हैं। यह भी अंग्रेजी या किसी क्षेत्रीय भाषा में हो सकती है। निर्णायक इन प्रविष्टियों का आकलन विषय-वस्तु, सटीकता, शोध की गहराई और समग्र पत्रकारिता की गुणवत्ता के आधार पर करेंगे। ग्रामीण रिपोर्टिंग श्रेणी की तरह ही इसमें भी केवल मूल कतरनें ही स्वीकार की जायेंगी और प्रत्येक प्रविष्टि पर 'एनवायरनमेंटल रिपोर्टिंग' अंकित होना चाहिए।


प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तिथि 20 अगस्त 2026 है। सभी प्रविष्टियों को- द अवॉर्ड्स कमेटी, स्टेट्समैन हाउस, 04 चौरंगी स्क्वायर, कोलकाता 700 001- पते पर भेजना है। पत्रकार अपनी प्रविष्टियां इस ईमेल पर भी भेज सकते हैं: रूरल रिपोर्टिंग अवॉर्ड एट द स्टेट्समैन ग्रुप डॉट कॉम।


इन चार पुरस्कारों से 'द स्टेट्समैन' ग्रामीण समुदायों और पर्यावरण को प्रभावित करने वाले मुद्दों पर रिपोर्टिंग करने वाले पत्रकारों को सम्मानित करने के अपने लंबे प्रयास को जारी रखे हुए है।


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