राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में उप-ठेकेदारी नियमों की करेंगे समीक्षा : गडकरी


नयी दिल्ली, 19 अगस्त (वार्ता) सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि मंत्रालय राजमार्ग परियोजनाओं में उप-ठेकेदारी को सीमित करने वाले मौजूदा प्रावधानों की समीक्षा करेगा, ताकि अनुबंध की शर्तों का कड़ाई से पालन हो और काम की गुणवत्ता तथा समय पर परियोजना पूरी करने की जिम्मेदारी मुख्य ठेकेदार की स्पष्ट रूप से तय रहे।

श्री गडकरी ने बुधवार को यहां फिक्की के चौथे सुरंग एवं पुल सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मंत्रालय पहले से ठेकेदारों के प्रदर्शन का आकलन कर रहा है और अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने वाले सलाहकारों के काम का भी प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निविदाओं में पात्रता को इस प्रदर्शन मूल्यांकन से जोड़ने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा, "गुणवत्ता पहली प्राथमिकता है और लागत उसके बाद आती है।"
श्री गडकरी ने कहा कि कई मामलों में अनुमानित लागत से काफी कम राशि पर ठेके दिए जाते हैं और बाद में उन्हें कई स्तरों पर उप-ठेके में दे दिया जाता है। प्रत्येक बिचौलिया अपना लाभ रखता है, जिससे उप-ठेकेदारी की कई परतें बन जाती हैं। उनका कहना था कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के रिकॉर्ड के जरिए उप-ठेकेदारी की पूरी श्रृंखला का पता लगाया जा सकता है और यह भी जांचा जा सकता है कि कहीं अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन तो नहीं हुआ है।
उन्होंने बताया कि मंत्रालय दो से ढाई लाख करोड़ रुपये की सुरंग परियोजनाओं के लिए निविदाएं तैयार कर रहा है। उन्होंने उद्योग जगत से सुरंग बनाने वाली मशीनों का देश में ही निर्माण करने की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया और कहा कि इन मशीनों की पूंजीगत लागत एक बड़ी चुनौती है। उन्होंने अति उच्च प्रदर्शन वाले कंक्रीट पर तकनीकी सत्र आयोजित करने का भी सुझाव दिया।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

गार्डनिंग के क्षेत्र में रोजगार की है अपार संभावनाएं: डॉ वीरेंद्र सिंह

24 जुलाई 2026 को चंद्रमा दिखाई देगा अन्टारेस (ज्येष्ठा नक्षत्र के योगतारा) के पास

सपा अध्यक्ष को लगता है कि मुसलमान उनकी जेब में हैं: मायावती