चौथी संतान के लिए मातृत्व अवकाश नहीं, उच्च न्यायालय ने खारिज की याचिका


प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कहा कि किसी महिला सरकारी कर्मचारी की पहले से दो या अधिक जीवित संतानें हैं तो उसे चौथी संतान के लिए मातृत्व अवकाश का लाभ नहीं दिया जा सकता।

    न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कर्मचारी ने पिछली संतानों के जन्म पर मातृत्व अवकाश लिया हो या नहीं , इससे पात्रता के नियम में कोई बदलाव नहीं होता।

     न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान की एकल पीठ ने यह आदेश दिया है। 

       शशि कुमारी ने चौथी संतान के लिए मातृत्व अवकाश का आवेदन किया था। 19 जून 2026 के आदेश से उनके आवेदन को खारिज कर दिया गया। इसे उन्होंने उच्च न्यायालय मेें चुनौती दी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने दलील दी कि पहली तीन संतानों के जन्म पर उन्होंने मातृत्व अवकाश नहीं लिया था।

      चौथी संतान के लिए वह पहली बार इस सुविधा का लाभ मांग रही हैं। राज्य सरकार ने इसका विरोध किया। कहा कि नियमों के तहत प्रसूति अवकाश 180 दिन का हैए लेकिन दो या अधिक जीवित संतान होने पर यह अवकाश स्वीकृत नहीं किया जा सकता।

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