चिकित्सक ने पांच टीबी उपचाराधीन मरीजों को गोद लिया
गोरखपुर। जिले में नवागत जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ संतोष कुमार श्रीवास्तव की मौजूदगी में गोरखपुर के प्रसिद्ध चेस्ट फिजिशयन डॉ बीएन अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को टीबी उपचाराधीन मरीजों को गोद लिया। इस अवसर पर डीटीओ ने जनपदवासियों से आगे आकर निक्षय मित्र बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि निक्षय मित्र बन कर टीबी मरीजों को गोद लेने और उन्हें ठीक होने में मदद करने वालों को समय-समय पर स्वास्थ्य विभाग सम्मानित भी करता रहा है। चेस्ट फिजिशियन डॉ अग्रवाल द्वारा पहले भी टीबी मरीजों को गोद लेकर मदद किए जाने की डीटीओ डॉ श्रीवास्तव ने प्रशंसा की।
डीटीओ ने बताया कि निक्षय मित्रों की टीबी उन्मूलन में महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वह मरीज को गोद लेकर उन्हें यथासामर्थ्य पोषक सामग्री का दान करते हैं। समय समय पर उनका फॉलो अप करते हैं और मरीज का मनोबल बढ़ाते रहते हैं ताकि उसकी दवाएं बीच में बंद न हो। टीबी मरीज जब पूरी दवा ले लेता है तो वह ठीक हो जाता है। बीच में दवा बंद होने से टीबी के ड्रग रेसिस्टेंस होने की आशंका बढ़ जाती है जिसका इलाज जटिल होता है। उन्होंने कहा निक्षय मित्र अपनी महत्वपूर्ण भूमिका से डीआर टीबी की रोकथाम में भी योगदान दे रहे हैं।
डीटीओ डॉ श्रीवास्तव ने कहा कि सीएमओ डॉ राजेश झा के नेतृत्व में जिले में निक्षय मित्र योजना से अधिकाधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। जनपद में इस समय करीब 3081 निक्षय मित्र 20174 टीबी उपचाराधीन मरीजों को गोद लेकर ठीक होने में उनकी मदद कर रहे हैं।
पांच टीबी मरीजों को गोद लेने के दौरान निक्षय मित्र डॉ वीएन अग्रवाल ने टीबी उपचाराधीन मरीजों की काउंसिलिंग की। उन्होंने मरीजों को बताया कि उपचार के दौरान उन्हें दवाओं के साथ-साथ पोषण से युक्त खानपान पर विशेष ध्यान रखना है। इसके लिए वह यथासंभव उनकी मदद करते रहेंगे। इस अवसर पर पीपीएम समन्वयक अभय नारायण मिश्रा और मिर्जा आफताब बेग भी मौजूद रहे।
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