एक क्लिक पर मिलेगी डाक सेवा, तकनीक के साथ जनसेवा के नये युग में प्रवेश कर रहा भारतीय डाक: सिंधिया
नयी दिल्ली, 24 अगस्त (वार्ता) केन्द्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा है कि भारतीय डाक देश की पुरानी और सबसे विश्वसनीय संस्थाओं में से एक है, जो अब बदलते समय के साथ तकनीक और नवाचार को अपनाते हुए इक्कीसवीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को नये स्वरूप में ढाल रहा है।श्री सिंधिया ने सोमवार को 'डाक मित्र' और, 'डाक सेवा' ऐप और 14 नवीनीकरण किये गये डाकघरों के शुभारंभ के अवसर पर डाक विभाग द्वारा यहां आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन भारतीय डाक के लिए केवल कुछ नयी पहलों के शुभारंभ का दिन नहीं, बल्कि देश की सबसे विश्वसनीय संस्थाओं में से एक की विरासत को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़ने का अवसर है। इन पहलों का उद्देश्य भारतीय डाक को सरल, तेज, सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनाना है।
उन्होंने कहा, " आज नागरिक की अपेक्षा केवल यह नहीं है कि सरकारी सेवा उपलब्ध हो, वह चाहता है कि सेवा उसके मोबाइल फोन पर उपलब्ध हो, उसकी उंगली के एक स्पर्श पर उपलब्ध हो और वह भी तेज, सरल एवं पारदर्शी तरीके से हो। इस कड़ी में विभाग की पहल महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेगा।
श्री सिंधिया ने कहा कि हमारी जिम्मेदारी केवल पुरानी प्रक्रिया को डिजिटल बनाना नहीं, बल्कि पूरी प्रक्रिया को नागरिक के इर्द-गिर्द पुनः डिजाइन करना है। 'डाक मित्र' ऐप को डाक सेवकों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के लिए विकसित किया गया है। यह डाक, बैंकिंग, बीमा और नागरिक-केंद्रित सेवाओं को एक ही क्लिक में उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मई 2025 में इसके नये स्वरूप में आने के बाद 'डाक मित्र' ऐप अब 1.4 लाख ब्रांच पोस्ट ऑफिस में संचालित हो रहा है। इसके माध्यम से 2.45 करोड़ घरेलू स्पीड पोस्ट/पार्सल बुकिंग दर्ज की गयी हैं और 15.09 करोड़ डाक वस्तुओं की डिलीवरी में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
इस पहल के माध्यम से 1,102 करोड़ रुपये के नये प्रीमियम और कुल 5,431 करोड़ रुपये के प्रीमियम कलेक्शन में योगदान हुआ है।
श्री सिंधिया ने कहा कि पहले नागरिक को सेवा लेने के लिए डाकघर तक जाना पड़ता था, लेकिन अब डाक सेवक सेवा लेकर नागरिक तक पहुंच रहा है। यही डिजिटल परिवर्तन की वास्तविक शक्ति है। आधार आधारित केवाईसी के माध्यम से बचत खाता खोलना, आधार बायोमेट्रिक से नकद निकासी और डिजिटल ई-केवाईसी जैसी सुविधाएं भी नागरिकों को अधिक सहज अनुभव प्रदान कर रही हैं।
'डाक सेवा' ऐप का उद्देश्य नागरिकों को विभिन्न डाक सेवाओं के लिए अलग-अलग माध्यमों पर निर्भरता से मुक्त कर एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सेवाएं उपलब्ध कराना है।उन्होंने कहा कि जून 2025 में शुरू हुए इसके पायलट प्रोजेक्ट के बाद ऐप को लगभग 10 लाख डाउनलोड मिल चुके हैं और इसके माध्यम से 91.34 लाख मेल एवं पार्सल आर्टिकल बुक किये जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि नागरिक घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय डाक वस्तुओं को ट्रैक कर सकते हैं। स्पीड पोस्ट और पार्सल बुक कर सकते हैं। ई- मनी ऑर्डर जैसी सेवाओं का लाभ ले सकते हैं। शिकायत दर्ज कर उसका स्टेटस देख सकते हैं। नजदीकी डाकघर एवं पिन कोड की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। डाक शुल्क की गणना कर सकते हैं। विभिन्न लघु बचत योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पीएलआई और आरपीएलआई जैसी बीमा सेवाओं की जानकारी ले सकते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 'डाक सेवा' ऐप 23 भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि ऐप में यूपीआई , इंटरनेट बैंकिंग और कार्ड के माध्यम से डिजिटल भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है। एसबीआई ई-पेय के माध्यम से ऑनलाइन बिल भुगतान की सुविधा और घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बुकिंग प्रक्रियाओं को अधिक सरल एवं एकीकृत किया गया है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल परिवर्तन का अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि भौतिक डाकघर का महत्व कम हो गया है। डाकघर आज भी करोड़ों भारतीयों के लिए विश्वास, मानवीय संपर्क और सरकारी सेवाओं तक पहुंच का महत्वपूर्ण केंद्र है। इसी सोच के साथ देशभर में डाकघरों के आधुनिकीकरण की व्यापक योजना पर काम किया जा रहा है। 17 राज्यों में 40 डाकघरों को आधुनिक स्वरूप देने की पहचान की गयी है, जिनमें 27 का कार्य पूरा हो चुका है और आज 14 डाकघरों का शुभारंभ किया गया।
आज 14 डाकघरों का नवीनीकरण किया गया, इनमें पाटलिपुत्र (बिहार), वसंत कुंज (दिल्ली), सेक्टर-56 गुरुग्राम (हरियाणा), काकुरगाची (कोलकाता), विदिशा और सांची (मध्य प्रदेश), शिलॉन्ग (मेघालय), कांदिवली पश्चिम (मुंबई), शंकर नगर एवं अयोध्या नगर (नागपुर), निराला नगर, गोमती नगर एवं इंदिरा नगर (लखनऊ) तथा प्रयागराज शामिल हैं। इन नये डाकघरों में आधुनिक सुविधाओं के साथ ऐसा वातावरण विकसित किया जा रहा है, जहां नागरिकों को पारंपरिक डाकघर के विश्वास के साथ आधुनिक सेवा केंद्र की सुविधा भी मिल सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय डाक केवल अपनी सेवाओं के विस्तार और डिजिटल आधुनिकीकरण की दिशा में ही आगे नहीं बढ़ रहा, बल्कि आर्थिक रूप से भी लगातार सशक्त हो रहा है।
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारतीय डाक का राजस्व लगभग 13,218 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 15,296 करोड़ रुपये हो गया है। यह लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारतीय डाक ने 4,008.95 करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक तिमाही राजस्व दर्ज किया। पहली बार किसी एक तिमाही में 4,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार करते हुए साल-दर-साल लगभग 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी। उन्होंने कहा कि परिवर्तन इस बात का प्रमाण है कि भारतीय डाक अपनी विशाल पहुंच, नागरिकों के विश्वास और आधुनिक तकनीक के बल पर एक आर्थिक रूप से अधिक सक्षम, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार संस्था के रूप में आगे बढ़ रहा है।
श्री सिंधिया ने कहा कि भारतीय डाक की वास्तविक सफलता केवल ऐप के डाउनलोड या नये डाकघरों की संख्या से नहीं मापी जाएगी। इसकी सफलता इस बात से तय होगी कि इन पहलों से हमारे डाक कर्मचारियों का काम कितना आसान हुआ और देश के नागरिकों के लिए सेवाएं कितनी तेज, सरल, सुलभ और पारदर्शी बनीं।
उन्होंने कहा, " पुराना भरोसा, नयी तकनीक, वही अपनापन, नयी गति, यही नया भारतीय डाक है।"
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप भारतीय डाक को आधुनिक, विश्वसनीय और तकनीक-सक्षम संस्था के रूप में विकसित किया जा रहा है। देश के अंतिम छोर तक पहुंच और नागरिकों के साथ सीधा मानवीय जुड़ाव भारतीय डाक की सबसे बड़ी ताकत है, और अब तकनीक इस ताकत को कई गुना बढ़ा रही है।
इस मौके पर संचार राज्यमंत्री डॉ चंद्रशेखर पेम्मासानी, डाक विभाग के सचिव सुब्रत दास, डाक महानिदेशक जितेंद्र गुप्ता अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
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