ड्रग इंस्पेक्टर की भर्ती के लिए अनुभव की अनिवार्यता खत्मए फार्मेसी डिग्री पर ही मिलेगी नौकरी


प्रयागराज (दिनेश तिवारी)  इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यूपी में ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती के लिए अतिरिक्त अनुभव की अनिवार्यता को रद्द कर दिया है। अब फार्मेसी या फार्मास्युटिकल साइंस की निर्धारित डिग्री ही भर्ती की शैक्षिक योग्यता के तौर पर पर्याप्त होगी।

        प्रदेश में औषधि निरीक्षक (ड्रग इंस्पेक्टर) की नौकरी के लिए फार्मेसी या फार्मास्युटिकल साइंस की डिग्री ही काफी होगी। प्रदेश सरकार की ओर से 2015 में सेवा नियमावली संशोधन के जरिये थोपी गई अतिरिक्त अनुभव की अनिवार्यता वाली शर्त रद्द कर दी गई। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि केंद्रीय कानून के तहत निर्धारित शैक्षिक योग्यता के अस्तित्व में रहते प्रदेश सरकार अभ्यर्थियों पर अतिरिक्त योग्यता की शर्त नहीं थोप सकती। 

       यह आदेश न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और  न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने प्रयागराज के अमित कुमार सिंह व 10 अन्य और कृपा शंकर सिंह व 26 अन्य की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए यह आदेश दिया है।

      याचियों ने उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के राजपत्रित अधिकारियों की सेवा नियमावली में 2015 में किए गए संशोधन को चुनौती दी थी। ड्रग इंस्पेक्टर की भर्ती के लिए केंद्र सरकार ने पहले से योग्यता तय कर रखी है। इसके तहत फार्मेसी या फार्मास्युटिकल साइंस की डिग्री को जरूरी माना गया है। 

       प्रदेश सरकार ने 2015 में भर्ती नियमों में बदलाव करते हुए डिग्री संग अनुभव की शर्त भी जोड़ दी थी।

इस नियम के तहत अभ्यर्थी के पास संबंधित दवाओं के निर्माण या उनकी जांच का कम से कम 18 महीने का अनुभव होना जरूरी था। इसके अलावा दवा बनाने वाली कंपनियों के निरीक्षण का तीन साल का अनुभव भी मान्य था। यानी केवल निर्धारित डिग्री होने के बावजूद बिना अनुभव वाला अभ्यर्थी ड्रग इंस्पेक्टर की भर्ती में पात्र नहीं माना जाता था।

     इस नियम के तहत अभ्यर्थी के पास संबंधित दवाओं के निर्माण या उनकी जांच का कम से कम 18 महीने का अनुभव होना जरूरी था। इसके अलावा दवा बनाने वाली कंपनियों के निरीक्षण का तीन साल का अनुभव भी मान्य था। यानी केवल निर्धारित डिग्री होने के बावजूद बिना अनुभव वाला अभ्यर्थी ड्रग इंस्पेक्टर की भर्ती में पात्र नहीं माना जाता था।इसके खिलाफ याचियों ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। दलील दी कि केंद्र सरकार की ओर से 11 नवंबर 2025 को जारी अधिसूचना में ड्रग इंस्पेक्टर पद के लिए निर्धारित योग्यता में अनुभव की कोई शर्त नहीं रखी गई है। इसके बावजूद प्रदेश के संशोधित नियम में भर्ती के लिए अतिरिक्त अनुभव की शर्त जोड़ दी गई।

         न्यायालय  ने उच्चतम  न्यायालय के फैसले का हवाला देते हुए उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के राजपत्रित अधिकारियों की सेवा नियमावली में 2015 में किए गए संशोधन को रद्द कर दिया।

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