सावन के दूसरे सोमवार पर उमड़ी भीड़ , शिव की पूजा के लिए सोम प्रदोष का दुर्लभ संयोग
प्रयागराज,(दिनेश तिवारी) सावन के दूसरे सोमवार पर संगमनगरी हर.हर महादेव के जयघोष से गूंज रही है। सोमवार के साथ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी पड़ने से आज सोम प्रदोष का विशेष संयोग बन रहा है। इस पावन अवसर पर शहर के प्रमुख शिवालयों में ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालुओं की कतार लग रही है।
श्री मनकामेश्वर महादेव मंदिर में सावन सोमवार और सोम प्रदोष के संयोग को देखते हुए विशेष धार्मिक आयोजन हो रहे हैं। महंत श्रीधरानंद सरस्वती की देखरेख में भगवान शिव का रुद्राभिषेक पूजन.अर्चन और विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर शिवलिंग पर गंगाजल और दूध अर्पित कर रहे हैं।
भक्त गंगाजल, दूध, बेलपत्र , धतूरा और पुष्प अर्पित कर भगवान शिव का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक कर रहे हैं। शाम को प्रदोष काल में विशेष पूजन और आरती के लिए मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है।
सोमवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोष कहा जाता है। इस वर्ष 10 अगस्त को सावन सोमवार के साथ सोम प्रदोष पड़ने से शिवभक्तों में विशेष उत्साह है। पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि सोमवार सुबह से शुरू होकर मंगलवार तड़के तक रहती है और प्रदोष काल शाम के समय पड़ता है। पंचांग के अनुसार सोम प्रदोष का प्रदोष काल शाम करीब 6.59 से रात 9.09 बजे तक है।
श्रद्धालु भगवान शिव से सुख, शांति, समृद्धि और परिवार की मंगलकामना कर रहे हैं। सावन में सोमवार का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है, इसलिए सुबह से लेकर देर शाम तक मंदिरों में भक्तों की भीड़ बनी रहने की संभावना है।
दारागंज स्थित नागवासुकी मंदिर और तक्षक तीर्थ बड़ा शिवाला में भी विशेष पूजन.अभिषेक हो रहा है। संगम क्षेत्र से जुड़े इन धार्मिक स्थलों पर सावन में श्रद्धालुओं की विशेष आस्था रहती है। भक्त भगवान शिव और नाग देवता का पूजन कर परिवार की सुख.शांति की कामना कर रहे हैं। मीरपुर स्थित ललितेश्वर महादेव मंदिर में मुख्य पुजारी शिवमूरत मिश्रा के द्वारा भगवान शिव का विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। मंदिर में दिनभर दर्शन.पूजन के लिए भक्तों का आना.जाना जारी है।
कोटेश्वर महादेव और पंडिला महादेव मंदिर में भी सावन सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। भक्त कतार में लगकर भगवान शिव का दर्शन कर रहे हैं और जलाभिषेक कर रहे हैं। सिविल लाइंस स्थित हनुमान निकेतन के शिव मंदिर में भी सुबह से भक्तों की कतार लग रही है। शाम को प्रदोष काल में शिव पूजन और आरती का विशेष महत्व होने के कारण मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ रही है।
हिंदू धार्मिक परंपरा में प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। प्रत्येक पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। जब त्रयोदशी सोमवार को पड़ती है तो इसे सोम प्रदोष कहा जाता है। सोमवार स्वयं भगवान शिव को समर्पित माना जाता हैए इसलिए सोमवार और प्रदोष के संयोग को शिव आराधना के लिए विशेष माना जाता है।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें