देश की प्रगति का रास्ता गांव और खेतों से होकर गुजरता है: दिलीप संघाणी
प्रयागराज \ फूलपुर , (दिनेश तिवारी) दुनिया की सबसे बड़ी उर्वरक सहकारी संस्था इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोआपरेटिव लिमिटेड (इफको) के अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने कहा कि देश कि प्रगति का रास्ता गांवों और खेतों से होकर गुजरता है और किसानों को सशक्त किए बिना विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता |
श्री संघाणी ने मुख्यालय से 30 किलोमीटेर दूर फूलपुर इफको मे शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर मीडिया से बातचीत मे कहा कि किसान की समृद्धि, गावं की खुशहाली और सहकारिता की मजबूती ही आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत की आधारशिला है| इफको किसानों की आय बढ़ाने , सहकारी क्षेत्र को सशक्त बनाने, कृषि को टिकाऊ बनाने और भारतीय संस्कृति एवं ग्रामीण जीवन की समृद्ध परंपरा को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है|
अध्यक्ष ने कहा कि इफको का मानना है कि राष्ट्र कि वास्तविक समृद्धि ग्रामीण भारत की प्रगति और खुशहाली मे निहित है| उन्होंने कहा कि इफको किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रधानमंत्री के “सहकार से समृद्धि “ के विजन के अनुरूप निरंतर कार्य कर रही है | उन्होंने कहा कि इफको देश के करोड़ों किसानों को कम कीमत पर उच्च गुणवत्ता वाली खाद, बीज और कृषि उत्पाद उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का काम करती है।
एक सवाल के जवाब मे श्री संघाणी ने बताया कि देश की खाद्य सुरक्षा और आर्थिक मजबूती मे किसान की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है| उन्होंने ने किसानो से रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग, जैव –उर्वरकों तथा पोशक तत्वों से युक्त उर्वरकों को अपनाने का आह्वान किया | उन्होंने पीएम प्रणाम ठठा “उर्वरक की पाठशाला” जैसी पहलों के माध्यम से धरती और पर्यावरण की रक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों मे इफको फूलपुर कि भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा किया| उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मिट्टी, स्वस्थ पर्यावरण और समृद्ध किसान ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भारत कि नींव रखेंगे |
श्री संघाणी ने इफको के नैनो उर्वरकों- नैनो यूरिया प्लस , नैनो डीएपी , नैनो जिंक , और नैनो कापर को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि के लिए महत्वपूर्ण बताया | उन्होंने कहा कि नैनो उर्वरक कृषि क्षेत्र मे नई तकनीकी क्रांति का हिस्सा है और इनके माध्यम से कम मात्र मे अधिक प्रभावी पोशक तत्व उपलब्ध करने के साथ-साथ मिट्टी और पर्यावरण पर पड़ने वाले दबाव को कम करने कि दिशा मे महटवपूर्ण कदम उठाया जा रहा है|
एक अन्य सवाल के जवाब मे श्री संघाणी ने बताया कि फूलपुर इकाई नें अब तक नैनो यूरिया प्लस लिक्विड कि 244.8 लाख बोतले ठठा नैनो डी ए पी लिक्विड कि 12.1 लाख बोतल, प्रत्येक 500 मिलिलिटेर, का उत्पादन किया है| इनका कुल पोषक प्रभाव लगभग 11.5 लाख मीट्रिक टन पारंपरिक उर्वरकों के बराबर है| उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि इफको फूलपुर कि टिकाऊ कृषि और अगली पीढ़ी की उर्वरक तकनीकों के क्षेत्र मे अग्रणी भूमिका को रेखांकित करती है|
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