अक्टूबर तक बन कर तैयार हो जाएगा गोरखपुर का सबसे बड़ा कान्हा उपवन
गोरखपुर, 4 अगस्त (वार्ता) उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर घूम रहे बेसहारा गोवंशों के बेहतर प्रबंधन और देखभाल के लिए जिले का अब तक का सबसे बड़ा ‘कान्हा उपवन’ तैयार किया जा रहा है।आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग पर स्थित ताल नदोर में बन रहे इस वृहद गोसंरक्षण केंद्र की लागत 28.94 करोड़ रुपये है और अक्टूबर माह तक इसके पूर्णतः तैयार हो जाने की उम्मीद है। इस आधुनिक कान्हा उपवन के परिसर में एक साथ 2000 बेसहारा गोवंशों को आश्रय मिलेगा, जिससे शहर और आसपास के इलाकों में छुट्टा पशुओं की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी।
उन्होंने बताया कि गोसंरक्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए प्रदेश के सभी जनपदों में गोआश्रय स्थलों की व्यवस्था की गई है जहां बेसहारा गोवंश को ठौर मिला है। इसी क्रम को विस्तार देते हुए गोरखपुर में योगी सरकार एक वृहद कान्हा उपवन बनवा रही है। यह जिले में अबतक का सबसे बड़ा गोसंरक्षण केंद्र होगा। यहां एक साथ 2000 बेसहारा गोवंश को आश्रय मिलेगा जिससे शहर और आसपास सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित गोवंश की समस्या का समाधान होगा।
सूत्रों ने बताया कि गोरखपुर जिले में 24 गोआश्रय स्थल संचालित हैं। इन गोआश्रय स्थलों में करीब 8800 के लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 9700 गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। एक बड़े गोआश्रय स्थल की आवश्यकता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नगर निगम की तरफ से गोरखपुर-वाराणसी राजमार्ग पर स्थित ताल नदोर में 28.94 करोड़ रुपये की लागत से कान्हा उपवन बनवाया जा रहा है। इसकी क्षमता 2000 पशुओं की होगी। इस कान्हा उपवन का निर्माण कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश जल निगम (कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज) की यूनिट-14 द्वारा किया जा रहा है। कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक मनीष चंद के अनुसार निर्माण कार्य 24 अप्रैल 2025 से शुरू हुआ था। निर्माण की अब तक की भौतिक प्रगति 77 प्रतिशत है और सभी कार्य 23 अक्टूबर 2026 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य है।
इस कान्हा उपवन में काऊ शेड, काफ शेड, बर्थ शेड, कार्यालय भवन, भूसा स्टोर, फीड स्टोर तो होगा ही, गोवंश के नियमित चेकअप और बीमार पशुओं के त्वरित इलाज के लिए परिसर के अंदर ही एक डिस्पेंसरी का निर्माण भी किया जा रहा है। काऊ शेड के सामने छोटे पोखरे का निर्माण कराया जाएगा, ताकि पशुओं को पानी की कमी न हो और उन्हें प्राकृतिक माहौल मिले। बता दें कि कान्हा उपवन उसी परिसर का हिस्सा है जहां पशु चिकित्सा महाविद्यालय भी निर्माणाधीन है। इससे बीमार या घायल पशुओं के इलाज की उच्च स्तरीय व्यवस्था भी सुनिश्चित हो जाएगी।
गोरखपुर के नगर निगम के मुख्य अभियंता अमित शर्मा का कहना है कि वर्तमान में महेवा स्थित 500 गोवंश की क्षमता वाले कान्हा उपवन पर दबाव अधिक रहता है। ऐसे में ताल नदोर में नगर निगम की तरफ से एक नए मॉडल के रूप में वृहद कान्हा उपवन का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य की नियमित तौर पर मॉनिटरिंग कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि तय समय सीमा अक्टूबर 2026 तक इसे पूर्ण कराकर संचालन योग्य बना दिया जाए।

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