2027 में नए सिक्स लेन पुल से सीधे शहर में रोडवेज बस एंट्री, माघमेला में श्रद्धालुओं को जाम से मिलेगी राहत


प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) वर्ष 2027 आगामी माघ मेला में संगम स्नान के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र के मुहाने पर लगने वाले भीषण जाम और मीलों पैदल चलने की विवशता से निजात मिलेगी। 

                लखनऊ और अयोध्या रूट से आने वाली रोडवेज की बसें नए सिक्स लेन पुल से सीधे शहर में प्रवेश करेंगी और यात्रियों को भारत स्काउट एंड गाइड कॉलेज परिसर में ही उतारा जाएगा। कल्पवासियों और बुजुर्ग श्रद्धालुओं को इससे काफी सहूलियत मिलेगी।

          शहर के चारों ओर यातायात को विकेंद्रीकृत रखने के लिए सात अस्थायी बस स्टेशनों का जाल बिछाया गया है। गोरखपुरए देवरियाए आजमगढ़ की बसों को चीनी मिल बस स्टेशन परए वाराणसी रूट की गाड़ियों को झूंसी में और रीवा.चित्रकूट से आने वाले वाहनों को लेप्रोसी मिशन स्टेशन पर नियंत्रित किया जाएगा।

        वर्ष 2027 मौजूदा दौर में प्रयागराज, काशी और अयोध्या का नया " धार्मिक सर्किट" श्रद्धालुओं की पहली पसंद बना हुआ है। पिछले आयोजनों में मौनी अमावस्या जैसे मुख्य स्नान पर्वों पर उमड़ी 2800 बसों की रिकॉर्ड भीड़ को देखते हुए इस बार मेला प्राधिकरण ने कमर कस ली है। रेलवे को इस विशेष सर्किट पर 10 फीसदी अतिरिक्त रैक चलाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं रोडवेज बेड़े में 12 से 15 फीसदी तक अतिरिक्त बसें जोड़ने की तैयारी है।

           क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र कुमार ने बताया कि बसों के लिए मुख्यालय लखनऊ को प्रस्ताव भेज दिया गया है।

             डॉ लोकेश एम मंडलायुक्त व अध्यक्ष, मेला प्राधिकरण काशी.अयोध्या.प्रयागराज सर्किट के चलते इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा तय है। सिक्स लेन पुल से शहर के भीतर तक बसों के सीधे संचालन से कछार का ट्रैफिक दबाव पूरी तरह खत्म होगा। रेलवे और परिवहन निगम के समन्वय से ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है ताकि किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।

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