उत्तर प्रदेश में 24 से 27 सितंबर के बीच भारी बारिश के आसार
लखनऊ, 23 सितंबर (वार्ता) बंगाल की खाड़ी में बने गहरे अवदाब के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में 24 से 27 सितंबर के बीच मौसम में व्यापक बदलाव के आसार हैं। इस दौरान प्रदेश में तेज सतही हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।मौसम विभाग ने 25 और 26 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। इसके प्रभाव से प्रदेश के अधिकतम तापमान में छह से नौ डिग्री सेल्सियस तक की उल्लेखनीय गिरावट हो सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम-मध्य और उससे लगे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवदाब पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके 23 सितंबर की रात विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच कलिंगपट्टिनम के निकट उत्तरी आंध्र प्रदेश-दक्षिणी ओडिशा तट को पार करने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में व्यापक वृद्धि होने का अनुमान है।
विभाग के मुताबिक 24 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं और तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है। 25 और 26 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगभग सभी स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने तथा 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है। 27 सितंबर को भी पूर्वी उत्तर प्रदेश में अनेक स्थानों पर बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
25 सितंबर को बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली और अमेठी में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, बस्ती, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, सीतापुर, हरदोई, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है।
26 सितंबर को बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर और बाराबंकी में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। संत कबीर नगर, महाराजगंज, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान है।
27 सितंबर को श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और पीलीभीत में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने 24 से 27 सितंबर के दौरान कई इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी दी है। 25 और 26 सितंबर को हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटे तक पहुंचने और झोंकों में 60 किलोमीटर प्रतिघंटे तक होने की संभावना है।
विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहने, खिड़की-दरवाजे बंद रखने और संभव हो तो यात्रा से बचने की सलाह दी है। बिजली और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अनप्लग करने तथा वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे आश्रय नहीं लेने की सलाह भी दी गई है।
बहुत भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों और सुरंगों में बाढ़ या जलभराव, नदियों, झरनों और जलाशयों के जलस्तर में अचानक वृद्धि तथा कच्चे और असुरक्षित ढांचों को नुकसान होने की आशंका है। जलभराव और खराब दृश्यता के कारण सड़क, रेल और जल परिवहन भी प्रभावित हो सकता है। निचले पुलों और सड़कों के अस्थायी रूप से बंद होने की भी संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने लोगों को निचले एवं बाढ़ग्रस्त इलाकों से दूर रहने, मौसमी नालों और नदियों के आसपास नहीं जाने तथा जलमग्न सड़कों और पुलों को पार करने से बचने की सलाह दी है।
विभाग के अनुसार एक जून से 23 सितंबर तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में 681.4 मिलीमीटर बारिश हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 772.9 मिलीमीटर है। इस तरह यहां वर्षा सामान्य से 12 प्रतिशत कम रही। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 678.8 मिलीमीटर के मुकाबले सामान्य वर्षा 660.5 मिलीमीटर रही, जो सामान्य से तीन प्रतिशत अधिक है। पूरे प्रदेश में इस अवधि में 680.3 मिलीमीटर वर्षा हुई, जबकि सामान्य वर्षा 726.1 मिलीमीटर है और यह सामान्य से छह प्रतिशत कम है।
मौसम विभाग के अनुसार चित्रकूट, महोबा और संभल में सामान्य से अत्यधिक अधिक वर्षा हुई है, जबकि बांदा, कन्नौज, कानपुर नगर, प्रयागराज, बिजनौर, एटा, फिरोजाबाद, हमीरपुर, ललितपुर, मेरठ और मुजफ्फरनगर में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
भारी से बहुत भारी बारिश के दौरान गन्ने, अरहर, खरीफ मक्का, धान, मूंगफली, तिल, उड़द-मूंग और सब्जी फसलों पर जलभराव का असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और जलभराव की स्थिति में सिंचाई तथा नाइट्रोजन के इस्तेमाल से बचने की सलाह दी है। तैयार मक्का जैसी फसलों की समय से कटाई करने तथा सब्जियों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने का सुझाव दिया गया है।
तेज हवाओं के दौरान गन्ना, मक्का, तिल, दलहन, सब्जियों, आम, केला और पपीते की फसलों को भी नुकसान हो सकता है। किसानों को फसलों को सहारा देने, खेतों से पानी निकालने और तेज हवा के दौरान सिंचाई रोकने की सलाह दी गई है।
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