उत्तर प्रदेश की 251 मंडियां राष्ट्रीय बाजार सूचना नेटवर्क से जुड़ीं
लखनऊ, 29 सितंबर ( वार्ता) उत्तर प्रदेश की सभी 251 कृषि उपज मंडियां अब केंद्र सरकार के राष्ट्रीय कृषि बाजार सूचना नेटवर्क 'एगमार्कनेट 2.0' से जुड़ गई हैं। उत्तर प्रदेश मंडी परिषद के ई-मंडी पोर्टल का एगमार्कनेट 2.0 से एपीआई आधारित एकीकरण पूरा होने के साथ प्रदेश की सभी मंडियों से शत-प्रतिशत बाजार रिपोर्टिंग सुनिश्चित हो गई है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने इस उपलब्धि की सराहना की है।प्रदेश सरकार की ओर से मंडी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और किसानोन्मुख बनाने के लिए विभिन्न प्रक्रियाओं को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जा रहा है। ई-मंडी व्यवस्था को राष्ट्रीय कृषि बाजार सूचना नेटवर्क से जोड़ने के बाद प्रदेश की मंडियों में कृषि जिंसों की आवक और उनके बाजार भाव से संबंधित जानकारी राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगी।
मंडी भाव और आवक के आंकड़ों की व्यापक उपलब्धता से कृषि बाजार में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। व्यापारियों को भी विभिन्न मंडियों की स्थिति समझने में मदद मिलेगी। वहीं, उपलब्ध आंकड़ों का इस्तेमाल कृषि बाजार के रुझानों के विश्लेषण और नीतिगत निर्णयों के लिए किया जा सकेगा।
उत्तर प्रदेश मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की मंडी व्यवस्था को तकनीक के माध्यम से अधिक पारदर्शी और किसानोपयोगी बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तकनीक का वास्तविक लाभ तभी है, जब सही बाजार सूचना सही समय पर किसानों तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी 251 मंडियों को एगमार्कनेट 2.0 से जोड़ने से मंडी भाव और आवक संबंधी सूचनाओं का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित हुआ है। इससे किसानों को बाजार की स्थिति समझने और अपनी उपज के विपणन से जुड़े बेहतर निर्णय लेने में सहायता मिलेगी।
मंडी परिषद के अनुसार, एगमार्कनेट 2.0 से तकनीकी एकीकरण के बाद प्रदेश की सभी 251 मंडियों से 100 प्रतिशत बाजार रिपोर्टिंग सुनिश्चित हुई है। इतने बड़े मंडी नेटवर्क से नियमित और शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग को डिजिटल व्यवस्था की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव चिन्मय गोटमारे ने सभी 251 मंडियों के सफल एपीआई एकीकरण और शत-प्रतिशत बाजार रिपोर्टिंग की सराहना की है। उन्होंने इसे मंडी परिषद, मंडी समितियों, अधिकारियों, तकनीकी टीम और क्षेत्रीय स्तर पर कार्यरत कार्मिकों के समन्वित प्रयास का परिणाम बताया।
एगमार्कनेट यानी 'एग्रीकल्चरल मार्केटिंग इन्फॉर्मेशन नेटवर्क' कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय का राष्ट्रीय डिजिटल मंच है। इस पर देश की कृषि मंडियों में विभिन्न कृषि जिंसों की आवक और बाजार भाव से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
इसका उद्देश्य किसानों, व्यापारियों, नीति निर्माताओं और कृषि बाजार से जुड़े अन्य हितधारकों को विश्वसनीय एवं समयबद्ध बाजार सूचना उपलब्ध कराना है।
उत्तर प्रदेश के ई-मंडी पोर्टल के एपीआई आधारित एकीकरण के बाद प्रदेश की मंडियों में दर्ज भाव और आवक का आंकड़ा डिजिटल माध्यम से सीधे राष्ट्रीय मंच तक पहुंच रहा है।

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