वोट के लालच में गिरगिट की तरह रंग बदल रही है सपा: मायावती

लखनऊ, 21 सितंबर (वार्ता) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने सोमवार को तंज कसते हुये कहा कि समाजवादी पार्टी (सपा) ने प्रचारित 'पीडीए रथ' में अपने लाल रंग का कम और आरएसएस/भाजपा के 'भगवा' रंग का ज्यादा इस्तेमाल किया है।

सुश्री मायावती ने एक्स पर लिखा, " यूपी के आगामी विधानसभा आमचुनाव की तैयारी के लिये सपा प्रमुख का प्रचारित 'पीडीए रथ' में लाल रंग का कम तथा आरएसएस/भाजपा के भगवा रंग का (भगवाकरण) ज्यादा है, तो ऐसे में लोगों में चर्चा यही है कि यह सब उनका वोटों के स्वार्थ की खातिर गिरगिट की तरह लगातार रंग बदलना है या फिर मुसलमानों पर से सपा प्रमुख का वोट पाने का भरोसा उठ जाना है।"
उन्होने कहा, " वैसे भी यूपी के खासकर मुस्लिम समाज को इस कड़वी हकीकत का पूरी तरह से एहसास है कि पिछले चुनावों में सपा को उनके द्वारा अधिकांश एकतरफा वोट देने के बावजूद भी यह पार्टी यूपी व केन्द्र की सत्ता में भाजपा को सरकार बनाने से नहीं रोक पाती है तो इस पार्टी को बार-बार वोट देकर अपना वोट खराब क्यों किया जाये और इस मामले में अब वे अपरकास्ट में से खासकर ब्राह्मण समाज की तरह ही अपना रवैया काफी तेजी से बसपा के पक्ष में बदल रहे हैं।"सुश्री मायावती ने कहा, " क्योंकि बसपा यूपी में खासकर अपराध नियंत्रण व शान्ति-व्यवस्था के मामलों में कानून द्वारा कानून के राज के साथ ही व्यापक जनहित, जनकल्याण एवं विकास के मामलों में भी बेहतरीन आयरनलेडी राज यहाँ कई बार स्थापित करके दिखा चुकी है और जिसकी सर्वसमाज के हित व कल्याण में प्रदेश को सख्त जरूरत भी है।"
बसपा सुप्रीमो ने कहा, " इसके साथ ही सपा को यह भी जनता को जरूर बता देना चाहिये कि अब इनके 'पीडीए' की असली वास्तविकता क्या है क्योंकि चुनावी स्वार्थ में अब तक इन्होंने कभी 'पीडी' को 'पिछड़ा, दलित' बताया तो कभी 'पीडी' को 'पण्डित' बताया है।"
उन्होंने कहा, " कभी अपने आपको 'अम्बेडकरवादी' दर्शाने के चक्कर में बसपा का 'नीला' रंग वाला वस्त्र धारण कर तस्वीरें खिंचवाई है, किन्तु इसको लोगों ने फौरन ही फेक अम्बेडकरवादी कहकर रिजेक्ट भी कर दिया। बसपा सर्वसमाज हेतु 'सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय' की नीति व सिद्धान्त वाली अम्बेडकरवादी पार्टी है तथा सभी को रोटी-रोजगार-युक्त आत्म-सम्मान व स्वाभिमान आदि का जीवन जीने की पक्षधर है। इसीलिये सर्वसमाज में बीएसपी का अपना सम्मान है।"
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