चुनावी हार से हताश कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को बना रही निशाना: केशरवानी


प्रयागराज, (दिनेश तिवारी)महापौर गणेश केसरवानी ने कहा कि जनादेश को स्वीकार करने के बजाय चुनाव हारने पर निर्वाचन आयोग पर आरोप लगाना कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा बन गया है।

          सिविल लाइंस स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में सोमवार को श्री केसरवानी ने कहा कि चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवालों को लेकर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा ने आरोप लगाया कि लगातार चुनावी पराजय से कांग्रेस नेतृत्व हताश है और अपनी राजनीतिक विफलताओं का ठीकरा संवैधानिक संस्थाओं पर 

         भाजपा नेताओं ने 26 सितंबर को निर्वाचन आयोग की ओर से जारी संयुक्त वक्तव्य का हवाला देते हुए कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्त डॉ एस एस संधू व विवेक जोशी के स्पष्टीकरण से विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों की स्थिति स्पष्ट हो गई है।

       भाजपा ने कहा कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) समेत निर्वाचन आयोग के प्रमुख निर्णय तीनों निर्वाचन आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। पार्टी नेताओं ने सर्वोच्च न्यायालय के 27 मई 2026 के निर्णय का भी उल्लेख किया और कहा कि एसआईआर को लेकर आयोग की प्रक्रिया पर न्यायिक स्तर पर भी स्थिति स्पष्ट हो चुकी है।

      भाजपा नेताओं ने कैबिनेट सचिव के पत्र को लेकर कहा कि इसका एसआईआर या किसी नीतिगत निर्णय से संबंध नहीं था। उनके अनुसार यह एक अधिकारी की प्रतिनियुक्ति से संबंधित प्रशासनिक विषय था। भाजपा ने आरोप लगाया कि इस प्रशासनिक पत्र को राजनीतिक विवाद का रूप देने का प्रयास किया गया।

         प्रेस वार्ता में भाजपा नेताओं ने एक समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट का भी उल्लेख किया। उन्होंने रिपोर्ट को तथ्यहीन बताते हुए कहा कि (फार्म.छह ) के घोषणापत्र को लेकर भी सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय का हवाला दिया गया है। भाजपा के अनुसार निर्वाचन आयोग निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने का कार्य कर रहा है।

           भाजपा नेताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को मतदान के अधिकार से वंचित होने से बचाना है। इसके लिए श्रमिकों, बेघर लोगों और मतदाता सूची में नाम दर्ज नहीं करा पाने वाले पात्र नागरिकों के लिए विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं।

            जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ वीके सिंह ने राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन पर राजनीतिक लाभ के लिए संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने का आरोप लगाया। उन्होंने पूर्व में दिए गए राजनीतिक बयानों का उल्लेख करते हुए " चौकीदार चोर है" टिप्पणी के मामले में सर्वोच्च न्यायालय में माफी, विदेशों में भारतीय न्यायपालिका को लेकर दिए गए बयानों तथा सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और तवांग की घटना से जुड़े वक्तव्यों का जिक्र किया।

          भाजपा नेताओं ने कहा कि निर्वाचन आयोग की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद कांग्रेस नेतृत्व को अपने आरोपों पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से संवैधानिक संस्थाओं के प्रति लगाए गए आरोपों को लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। पत्रकार वार्ता में जिला अध्यक्ष गंगापार निर्मला पासवान, महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता, जमुनापार अध्यक्ष राजेश शुक्ला, जिला मीडिया प्रभारी गंगापार उमेश तिवारी, महानगर मीडिया प्रभारी पवन श्रीवास्तव और विवेक मिश्रा समेत पार्टी के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

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