राज्यसभा चुनाव में सपा तीसरा उम्मीदवार उतार सकती है, भाजपा के कई विधायक संपर्क में : अखिलेश


 लखनऊ, 30 सितंबर (वार्ता)। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को कहा कि राज्यसभा चुनाव में पार्टी तीसरा उम्मीदवार भी उतार सकती है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के कई विधायक उनके संपर्क में हैं, हालांकि पार्टी में उन्हें समायोजित करना मुश्किल होगा।

सपा कार्यालय में राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए पार्टी के दो उम्मीदवारों प्रो. रामगोपाल यादव और उद्योगपति धनराज परिमल नाथवाणी के नामांकन के बाद पत्रकारों से बातचीत में श्री यादव ने कहा कि लोकतंत्र में फैसले संख्याबल के आधार पर होने चाहिए। जिसके पास सबसे अधिक वोट हों, उसे मौका मिलना चाहिए। तीसरे उम्मीदवार के बारे में फैसला वोटों की संख्या पूरी होने के बाद सार्वजनिक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि 2024 के राज्यसभा चुनाव में सपा के आधिकारिक उम्मीदवार को पार्टी विधायकों की क्रॉस वोटिंग के कारण हार का सामना करना पड़ा था। इस बार उन्होंने विधायकों से उसका बदला लेने के लिए कहा है।
श्री यादव ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने की आशंका के चलते भाजपा के कई विधायक उनके संपर्क में हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि वह उन्हें लेकर बहुत उत्सुक नहीं हैं, क्योंकि उन्हें समायोजित करना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी किसी से झूठे वादे करके बाद में उन्हें तोड़ना नहीं चाहती।
उद्योगपति धनराज परिमल नाथवाणी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के सवाल पर सपा अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी के पास नई पीढ़ी और नई सोच वाले व्यक्ति को राज्यसभा भेजने का अवसर है। उन्होंने कहा कि कई दलों में उद्योग जगत से जुड़े लोग हैं और अनेक उद्योगपति समाज के लिए काम करते हैं। सपा के पास भी अब एक उद्योगपति है, जो पार्टी के सत्ता में आने पर प्रदेश में उद्योगों के विस्तार में सहयोग कर सकता है।
सपा के उद्योगपतियों का विरोध करने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया समाज में समानता की वकालत करते थे। कोई भी ऐसा राज्य नहीं है जो उद्योगपतियों को आमंत्रित नहीं करता। उद्योग बढ़ेगा तभी लोगों की आय बढ़ेगी और इससे समानता आएगी।
भाजपा के नए कार्यालय और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों पर उन्होंने कहा कि भाजपा को इतना बड़ा कार्यालय बनाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि 2022 के चुनाव में निर्वाचन आयोग भी 'वोट घोटाले' में शामिल था।
संभल हिंसा मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाए जाने के संदर्भ में उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश पुलिस पर बार-बार सवाल उठाए हैं। उन्होंने पुलिस मुठभेड़ों को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि एक गलती को छिपाने के लिए दूसरी फर्जी मुठभेड़ की जाती है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि 10 वर्षों में सरकार किसानों को एक भी बिजली संयंत्र उपलब्ध नहीं करा सकी। उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश की जनता 'फर्जी योगी' को सत्ता से हटाएगी। एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य पर उन्होंने कहा कि केवल 'चढ़ावे और चोरी' से एक हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था नहीं बनाई जा सकती, इसके लिए ठोस दृष्टि की आवश्यकता है।
भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के इस बयान पर कि अखिलेश के साथ कांग्रेस का उत्तर प्रदेश में कोई भविष्य नहीं है, उन्होंने कहा कि उनके बृजभूषण शरण सिंह से बहुत अच्छे संबंध हैं और उत्तर प्रदेश के विकास के मुद्दे पर सभी एकजुट हैं।
पूर्व आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब उन्हें भी तय करना होगा कि हरा या लाल दुपट्टा पहनना है। उन्होंने दोहराया कि इस बार रायबरेली में 'लोधी बनाम योगी' का मुकाबला होगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि 2027 में सपा की सरकार बनने पर किसानों को मुफ्त सिंचाई, गन्ने का भुगतान 24 से 48 घंटे में और सस्ती बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने दावा किया कि इस बार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा का प्रदर्शन ऐतिहासिक होगा। उन्होंने कहा कि 2022 में जो लोग जीते, वे भी सपा के वोट से जीते थे।
उन्होंने चौधरी चरण सिंह और महेंद्र सिंह टिकैत के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हरा रंग किसान भाइयों और लाल रंग समाजवादियों का प्रतिनिधित्व करता है। जब ये दोनों रंग मिलते हैं तो पूरे प्रदेश में सपा का रंग दिखाई देगा।

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