नशे के खिलाफ चलेगा व्यापक अभियान
गोरखपुर( दुर्गेश मिश्र)। जनपद में मादक पदार्थों के सेवन, तस्करी, अवैध खेती और नशीली दवाओं के दुरुपयोग पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित पर्यटन भवन सभागार में एडीएम सिटी गजेंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस, आबकारी, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग को आपसी समन्वय के साथ नशे के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
नेपाल और बिहार मार्गों पर रहेगी विशेष नजर
गोरखपुर की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया है। एडीएम सिटी ने गोरखपुर से कैंपियरगंज, नौतनवा, सोनौली होते हुए नेपाल जाने वाले रास्तों और देवरिया होकर बिहार जाने वाले मार्गों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। पोस्ता और गांजे की अवैध खेती व तस्करी करने वालों के खिलाफ अब प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
तस्करों पर लगेगा गैंगस्टर, संपत्ति होगी कुर्क
बैठक में तस्करों के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाया गया। निर्देश दिए गए हैं कि:मादक पदार्थों के उत्पादन, परिवहन और बिक्री में शामिल लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।अधिनियम की धारा 14(1) के तहत अपराधियों द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्तियों को कुर्क किया जाएगा।गिरफ्तार तस्करों से गहन पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जाएगा।
स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता और 'नशामुक्ति सेल' की स्थापना
युवाओं को नशे की लत से बचाने के लिए शिक्षा विभाग को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है:जनपद के सभी कॉलेजों में अनिवार्य रूप से 'नशामुक्ति सेल' (De-addiction Cell) स्थापित किए जाएंगे।जिला विद्यालय निरीक्षक और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को आगामी महीनों में स्कूलों और कॉलेजों में साप्ताहिक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।सभी राष्ट्रीय दिवसों पर विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई जाएगी। इन अभियानों में एनसीसी एनएसएस और सिविल डिफेंस की भी सहभागिता ली जाएगी।
हाईवे के ढाबों, टूरिस्ट स्पॉट और मेडिकल स्टोरों की होगी औचक जांच
पुलिस और आबकारी विभाग संयुक्त टीम बनाकर उन स्थानों की नियमित जांच करेंगे जहाँ विदेशी पर्यटकों और युवाओं का आना-जाना अधिक रहता है। राजमार्गों पर स्थित होटलों, ढाबों, पर्यटन स्थलों के पास मौजूद पान-चाय की दुकानों और गुमटियों की चेकिंग की जाएगी। इसके अलावा, मेडिकल स्टोरों का आकस्मिक निरीक्षण कर कोडीनयुक्त कफ सिरप और ट्रेमेडाल जैसी नशीली दवाओं की अवैध बिक्री पर रोक लगाई जाएगी।I
ITMS से दी जाएगी चेतावनी लगेंगे साइन बोर्ड
जनता को जागरूक करने के लिए नगर निगम के आईटीएमएस (ITMS) सेंटर के ध्वनि यंत्रों (लाउडस्पीकरों) के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों का प्रचार किया जाएगा। इसके साथ ही हाईवे के मुख्य स्थानों और ढाबों पर नशामुक्ति से जुड़े साइन बोर्ड और स्लोगन लगाए जाएंगे। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से ऑडियो-वीडियो क्लिप के जरिए भी लोगों को जागरूक करने की योजना बनाई गई है।
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें