प्रयागराज पुलिस कमिश्नर ने इंस्पेक्टर और दरोगा को सस्पेंड किया


प्रयागराज,(दिनेश तिवारी) प्रयागराज पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया ने इंस्पेक्टर हंडिया अनूप सरोज और हंडिया थाने के दरोगा बृजेश सिंह को सस्पेंड कर दिया।               पुलिस कमिश्नर ने यह कार्रवाई रिश्वत के आरोप के बाद की है। इंस्पेक्टर और दरोगा की भूमिका एक मकान कब्जा कराने में सामने आई। साथ ही चार लाख रुपये रिश्वत के भी आरोप लगे। पुलिस कमिश्नर ने मामले की गोपनीय जांच कराई। प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर दोनों को निलंबित कर दिया गया।

              शहर के अल्लापुर इलाके के रहने वाले कारोबारी रोहन श्रीवास्तव ने हंडिया इलाके के धौरहरा में एक मकान खरीदा था। आरोप है कि मकान का कब्जा देने के बाद दूसरे पक्ष अरुण कुशवाहा और अन्य ने साजिशन हंडिया पुलिस से मिलीभगत कर फिर से कब्जा कर लिया। रोशन श्रीवास्तव का परिवार हंडिया थाने दौड़ता रहा लेकिन पुलिस ने एक्शन नहीं लिया। इस दौरान मकान के अंदर से दीवारें तोड़कर नए कब्जे पर दीवार खड़ी कर दी गई। 

         इस बीच रोशन श्रीवास्तव के परिवार वालों ने हंडिया में तहरीर दी लेकिन पुलिस ने उन धाराओं में केस नहीं दर्ज किया जो की बनती थी।

इसके बाद आरोप है कि बिचौलियों के मार्फत इंस्पेक्टर और दरोगा ने रोहन श्रीवास्तव के परिवार से चार लाख रुपये रिश्वत मांगे। मकान कब्जा होने से परेशान परिवार ने रुपये भी दे दिए। इसके बाद भी कब्जा वापस नहीं मिला।

परेशान परिवार ने पुलिस कमिश्नर पीयूष मोर्डिया से मुलाकात कर पूरा मामला बताया। पुलिस कमिश्नर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए गोपनीय जांच कराई।

प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद सीपी ने तत्काल प्रभाव से हंडिया इंस्पेक्टर अनूप सरोज और दरोगा बृजेश सिंह को सस्पेंड कर दिया। फिलहाल जांच जारी है। पुलिस कमिश्नर के एक्शन में आने की वजह से बताते हैं कि जो चार लाख रुपये पुलिस को देने के लिए ले जाए गए थे वह भी परिवार को वापस मिल गए

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