शी जिनपिंग की सात साल बाद हो रही भारत यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों में सुधार की उम्मीद
नयी दिल्ली, 11 सितंबर (वार्ता) चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए शनिवार को नयी दिल्ली पहुंचे जो सात साल में उनकी पहली भारत यात्रा है।
श्री शी 2019 के बाद पहली बार भारत आए हैं। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्री शी के बीच द्विपक्षीय बातचीत से संबंधों में सुधार होगा। वर्ष 2020 में गलवान घाटी में दोनों देशों की सेनाओं के बीच हुई जानलेवा झड़प से चीन के साथ संबंधों में खटास आ गयी थी।
भारत में चीन के राजदूत शू फीहोंग ने बताया कि राष्ट्रपति के साथ आए प्रतिनिधिमंडल में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के पॉलिटिकल ब्यूरो की स्थायी समिति के सदस्य एवं पार्टी के जनरल ऑफिस के निदेशक काई ची और विदेश मंत्री वांग यी शामिल हैं।
चीनी राष्ट्रपति का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और चीन द्विपक्षीय संबंधों में सुधार के लिए फिर से राजनयिक प्रयास कर रहे हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने 25 अगस्त को बीजिंग में विशेष प्रतिनिधि स्तर की बातचीत की थी। इसमें सीमा के निर्धारण और वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति और स्थिरता बनाए रखने पर फोकस किया गया था। मोदी-शी वार्ता में भी इन मुद्दों पर चर्चा की उम्मीद है।
श्री शी के आगमन से पहले चीनी राजदूत ने भारत और चीन को "अच्छे पड़ोसी और एक-दूसरे की सफलता में मदद करने वाले साझेदार" बताया। उन्होंने कहा कि मोदी और शी के बीच द्विपक्षीय बैठक की तैयारी चल रही है।
गलवान घाटी की घटना के बाद श्री शी पहली बार भारत यात्रा पर आ रहे हैं। वर्ष 2020 में हुई सैन्य झड़प में भारत के 20 सैनिक शहीद हो गये थे। चीन के भी सैनिक बड़ी संख्या में हताहत हुए थे। इसके बाद दोनों देशों के संबंधों में खटास आ गयी थी।
चीनी राष्ट्रपति इससे पहले 2019 में भारत यात्रा पर आये थे , हालांकि साल 2024 के बाद से भारत के बाहर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में श्री मोदी से उनकी मुलाकात हो चुकी है। पिछले साल चीन के तियांजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शिखर सम्मेलन में दोनों के बीच द्विपक्षीय वार्ता भी हुई थी। अभी कुछ दिन पहले किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में भी एससीओ के शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेता मिले थे।
श्री मोदी और श्री शी की बातचीत के आधार पर सीमा विवादों के समाधान के लिए दोनों देशों के विशेष प्रतिनिधियों के बीच दो-तीन दौर की बातचीत हो चुकी है। इन बैठकों में दोनों पक्षों ने सीमा पर शांति बहाली और परस्पर संबंधों को सामान्य बनाने के लिए अनेक कदम उठाये हैं।

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