सैफई और रामपुर सिंडिकेट के बाद अब एजेंसी सिंडिकेट पर तीसरा बड़ा प्रहार : योगी
लखनऊ, 2 सितंबर ( वार्ता) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को आउटसोर्स सेवा निगम के शुभारंभ के अवसर पर समाजवादी पार्टी (सपा) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनकी सरकार ने सैफई और रामपुर के सिंडिकेट के बाद अब आउटसोर्स कार्मिकों का शोषण करने वाले एजेंसी सिंडिकेट पर तीसरा बड़ा प्रहार किया है।योगी ने कहा कि पहले सैफई और रामपुर के सिंडिकेट पूरी व्यवस्था का खून चूसते थे। सरकार ने इन दोनों सिंडिकेट पर प्रहार कर उन्हें समाप्त किया और अब आउटसोर्स कार्मिकों के शोषण की पुरानी व्यवस्था को खत्म करने की दिशा में कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम केवल एक नई व्यवस्था नहीं, बल्कि वर्षों से एजेंसियों के माध्यम से कार्मिकों के शोषण को समाप्त करने का महत्वपूर्ण प्रयास है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निगम के माध्यम से आउटसोर्स कार्मिकों को सम्मान, समय पर वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सेवा को लेकर भरोसा मिलेगा। इससे प्रदेश के साढ़े तीन लाख से अधिक आउटसोर्स कार्मिकों तथा उनके परिवारों को मिलाकर करीब 17 से 20 लाख लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है।
योगी ने कहा कि प्रदेश की बदलती पहचान और विकास की गति में स्थायी कर्मचारियों के साथ संविदा और आउटसोर्स कार्मिकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक कार्मिक को उसकी गरिमा के अनुरूप सम्मान और सुरक्षा मिले।
योगी ने पुरानी आउटसोर्सिंग व्यवस्था की खामियां गिनाते हुए कहा कि इसमें कर्मचारी, एजेंसी और संबंधित सरकारी विभाग तीन पक्ष होते थे। उन्होंने कहा है कि समस्या आने पर कर्मचारी अलग-अलग दरवाजों पर भटकता था और उसकी सुनवाई के लिए कोई निश्चित व्यवस्था नहीं थी। किसी को समय पर वेतन नहीं मिलने की चिंता रहती थी तो किसी को सामाजिक सुरक्षा और सेवा जारी रहने को लेकर आशंका बनी रहती थी।
उन्होंने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से अब इस व्यवस्था में जवाबदेही तय की गई है। सरकार और कर्मचारी का संबंध केवल काम और वेतन तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि यह विश्वास और जिम्मेदारी पर आधारित होना चाहिए। इसी भावना के साथ आउटसोर्स कार्मिकों के हितों को सुरक्षित करने की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने सरकारी भर्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश सरकार ने करीब साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं। जिन भर्तियों की परीक्षाएं हो चुकी हैं, उनके परिणाम आने वाले हैं। उन्होंने कहा कि अगले छह महीने में एक लाख और युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य रखा गया है।

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