राज्यपाल ने शिक्षा, स्वास्थ्य और अच्छे विचारों को बताया जरूरी
रायबरेली, 14 सितम्बर (वार्ता)। उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले के ऊंचाहार क्षेत्र के चढ़रई में सोमवार को आयोजित शिव महापुराण कथा में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पहुंचकर कथा श्रवण किया।कार्यक्रम का आयोजन कैबिनेट मंत्री मनोज पांडेय के सौजन्य से किया जा रहा है। कथा का वाचन पंडित प्रदीप मिश्रा 'सीहोर वाले' कर रहे हैं। कथा महोत्सव में प्रतिदिन लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है।
राज्यपाल ने कहा कि वह पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा टेलीविजन पर सुनती रही हैं, लेकिन आज उन्हें प्रत्यक्ष रूप से कथा सुनने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि वह करीब 50 वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं। शिक्षा प्रत्येक बच्चे के लिए बहुत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि जीवन में दूसरी महत्वपूर्ण चीज अच्छी सेहत है, जिसके लिए सही खानपान जरूरी है। इसके साथ ही अच्छे विचार भी जीवन के लिए आवश्यक हैं और अच्छे विचार कथा के माध्यम से प्राप्त होते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को गर्भ से ही अच्छे संस्कार देने का प्रयास किया जाना चाहिए।
राज्यपाल ने अभिभावकों से बच्चों की किशोरावस्था में उनके व्यवहार पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि इस अवस्था में बच्चे जल्दी गलत रास्ते की ओर भटक सकते हैं। ऐसे में अभिभावकों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। इस अवसर पर कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने हरतालिका तीज का उल्लेख करते हुए कहा कि स्त्री ही व्रत कर सकती है। उन्होंने कहा कि भूखे-प्यासे रहने के बावजूद महिलाओं का तेज बढ़ता है, जबकि अधिकतर पुरुष व्रत रखने के बाद क्लांत दिखाई देने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि महिलाएं एक दिन व्रत रखती हैं, जबकि माता पार्वती ने भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए 12 वर्ष तक बिना खाए-पिए तप किया और बालू का शिवलिंग बनाकर उसकी पूजा करती रहीं। उनकी तपस्या से भगवान शिव पसीजे, लेकिन इसके बाद भी उन्होंने माता पार्वती की परीक्षा ली।
इस कथा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत प्रदेश सरकार के तमाम मंत्री राजा भइया समेत कई विधायक व नामी गिरामी हस्तियां शामिल हो चुकी है।
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