राजनाथ ने रक्षा कूटनीति पर 'रक्षा' दस्तावेज जारी किया


नई दिल्ली, 03 सितंबर (वार्ता) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को यहां रक्षा कूटनीति पर 'रक्षा' दस्तावेज का विमोचन किया जिसमें अगले 10 वर्षों के लिए वैश्विक रक्षा साझेदारियों के संबंध में भारत के रणनीतिक रोडमैप और दृष्टिकोण की रूपरेखा दी गई है।

रक्षा मंत्रालय ने बताया कि दस्तावेज में राष्ट्रीय सुरक्षा उद्देश्यों को सक्रिय वैश्विक सहयोग के साथ जोड़ने पर जोर दिया गया है, जिससे दीर्घकालिक स्थिरता और पारस्परिक विकास को बढ़ावा मिल सके। 'रक्षा' दस्तावेज में रणनीतिक साझेदारी, क्षमता विकास, स्वदेशी रक्षा निर्यात और समुद्री सुरक्षा को प्रमुख स्तंभ बनाया गया है।


इसके तहत द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सुरक्षा सहयोग मजबूत करने, संयुक्त सैन्य अभ्यास और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने तथा मित्र देशों के साथ रक्षा के सर्वोत्तम तौर-तरीकों को साझा करने पर जोर दिया गया है। साथ ही भारत में निर्मित रक्षा प्लेटफार्मों को बढ़ावा देकर देश को विश्वसनीय वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की बात कही गई है।


दस्तावेज में हिन्द महासागर क्षेत्र में भारत की सुरक्षा प्रदाता और पहले मदद करने वाले देश के रूप में भूमिका को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है। इसमें रक्षा कूटनीति को विदेश नीति का मुख्य स्तंभ बताते हुए बदलते वैश्विक परिदृश्य में शांति, स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था में भारत की भूमिका मजबूत करने का दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है।


इस अवसर पर सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, रक्षा उत्पादन सचिव संजीव कुमार, विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्वी) रुद्रेंद्र टंडन, वायु सेना उप प्रमुख एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, नौसेना उप प्रमुख वाइस एडमिरल अजय कोचर, एकीकृत रक्षा स्टाफ प्रमुख एयर मार्शल तेजिंदर सिंह और रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय तथा राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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