कालीन क्लस्टर के रूप में विकसित होगा कालीन परिक्षेत्र भदोही- योगी आदित्यनाथ

 


भदोही, 04 अक्टूबर (वार्ता)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कहा कि संत रविदास नगर (भदोही), मिर्जापुर और वाराणसी को सिल्क क्लस्टर के रूप में विकसित किया जाएगा तथा वाराणसी-विंध्य रीजनल डेवलपमेंट प्लान को जल्द लागू किया जाएगा।

श्री योगी ने यहां इंडिया कारपेट एक्सपो के स्वर्ण जयंती संस्करण में कालीन उद्योग से जुड़े निर्यातकों, विक्रेताओं और प्रमुख उद्यमियों के साथ संवाद के दौरान यह बात कही। इस दौरान उद्यमियों ने कालीन उद्योग के लिए अलग नीति बनाने, कारोबार से जुड़ी आवश्यकताओं तथा महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने सहित विभिन्न मुद्दे मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों की समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित मुद्दों पर सरकार की ओर से आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
मिर्जापुर के कालीन कारोबारी अनिल कुमार ने बेहतर कनेक्टिविटी का उल्लेख करते हुए सरकार के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने मिर्जापुर शहर और वहां के कालीन कारोबार से जुड़े विषय मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।
उद्यमी इम्तियाज अहमद ने कहा कि एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना से कारोबारियों को काफी लाभ मिला है। उन्होंने कालीन उद्योग के लिए भी इसी तर्ज पर अलग नीति बनाने की मांग की। उनका कहना था कि इससे कारोबार को बढ़ावा मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
पीयूष कुमार बरनवाल ने हस्तनिर्मित कालीन उद्योग के लिए अलग व्यवस्था का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि हस्तनिर्मित कालीन के उत्पादन में अधिक समय लगता है और भारत इस क्षेत्र में अग्रणी है, इसलिए इसे सामान्य मैन्युफैक्चरिंग श्रेणी से अलग रखते हुए उद्योग की जरूरतों के अनुरूप नीति बनाई जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सुझाव को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि हस्तनिर्मित कालीन उद्योग से जुड़े बुनकरों ने अपने पूर्वजों की विरासत को जीवित रखा है। उन्होंने भरोसा दिया कि इस संबंध में सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।
उद्यमी आदर्श पूर्णिमा ने कहा कि पहले इंडिया कारपेट एक्सपो का आयोजन दिल्ली में होता था। अब भदोही में इतने बड़े स्तर पर इसका आयोजन हो रहा है। उन्होंने कालीन उद्योग में महिलाओं की बड़ी भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि कालीन उद्योग में बड़ी संख्या में महिला उद्यमी और कामगार हैं, लेकिन कारपेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (सीईपीसी) के मौजूदा ढांचे में महिलाओं की पर्याप्त भागीदारी नहीं है।
उन्होंने महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनका मनोबल मजबूत करने के लिए सीईपीसी में विशेष प्रावधान किए जाने की मांग की।
कालीन निर्यातको श्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम लाया गया है। उन्होंने सीईपीसी से महिला उद्यमियों की भागीदारी सुनिश्चित करने और उनके लिए स्थान आरक्षित करने को कहा। उन्होंने इस दिशा में आवश्यक परिवर्तन किए जाने का भी भरोसा दिलाया।

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