इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक लाख फैसलों का हिंदी अनुवाद पूरा कर रचा इतिहास
प्रयागराज,(दिनेश तिवारी) न्याय को जन.जन की भाषा में सुलभ कराने की दिशा में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने एक ऐतिहासिक मिशाल कायम किया है। इस न्यायालय के एक लाख फैसलों का हिंदी में अनुवाद पूरा हो चुका है और ये सभी निर्णय उच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर आम जनता व विधिक समुदाय के लिए निःशुल्क उपलब्ध करा दिए गए हैं।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि के अवसर पर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली ने आधिकारिक वेबसाइट पर एक लाखवां हिंदी अनुवादित निर्णय स्वयं अपलोड किया। साथ ही शून्य से एक लाख अनुवादित फैसलों तक की यात्रा को संजोने वाले विशेष स्मारिका.संकलन " द वर्नाकुलर वॉयस ऑफ जस्टिस " का विमोचन भी किया। इस अवसर को यादगार बनाने के लिए उपस्थित न्यायाधीशों ने भी अपने एक.एक निर्णय का हिंदी अनुवाद वेबसाइट पर अपलोड किया।
ऐतिहासिक क्षण पर प्रशासनिक समिति के सदस्य न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा, न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन व न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा के अलावा एआई असिस्टेड लीगल ट्रांसलेशन एडवाइजरी, ई.एचसीआर एवं आईएलआर कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अजित कुमार, सदस्य न्यायमूर्ति समीर जैन व न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान भी उपस्थित रहे। अंत में न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
न्यायिक निर्णयों को स्थानीय भाषा में उपलब्ध कराने की परिकल्पना उच्चतम न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायमूर्ति डॉ डीवाई चंद्रचूड़ ने की थी। उनके निर्देश के क्रम में इलाहाबाद उच्च न्यायालय में 16 अगस्त 2023 को सुवास प्रकोष्ठ की स्थापना की गई। 23 अगस्त 2023 को पहला अनुवादित निर्णय वेबसाइट पर अपलोड किया गया। 12 दिसंबर 2025 को 50,000वां और अब 1,00,000वां निर्णय मुख्य न्यायाधीश द्वारा अपलोड कर यह कीर्तिमान स्थापित किया गया।

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