इलाहाबाद हाईकोर्ट बोला.ओबीसी कमीशन ने ऑफिस में बैठकर रिपोर्ट बनाई, पंचायत चुनाव केस में असंतोष जताया: उच्च न्यायालय
प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव समय पर कराने की मांग को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दाखिल 11 याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई हुई।
उच्च न्यायालय ने ओबीसी कमीशन की रिपोर्ट पर असंतोष जताते हुए कहा ऐसा लगता है कि कमीशन ने फील्ड में जाकर नहीं बल्कि दफ्तर में बैठकर रिपोर्ट तैयार कर दी है।न्यायालय ने कमीशन की रिपोर्ट पर कई सवाल उठाए। न्यायालय में करीब सवा घंटे तक सुनवाई चली। कोर्ट ने जवाबों पर नाराजगी जताते हुए सुनवाई अगली सोमवार के लिए तय कर दी।
गुरुवार को करीब दो घंटे तक चली सुनवाई में याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने पक्ष रखा था। अब सुनवाई में सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग की दलीलों से चुनाव की समयसीमा और तैयारियों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद हैइस संबंध में उच्च न्यायालय ने यूपी सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा था. बताएं कि पंचायत चुनाव समय पर क्यों नहीं कराए जाएंगे। इस पर सभी पक्षों ने जवाब दाखिल किया है।
पंचायत चुनाव को लेकर उच्च न्यायालय में दाखिल कई याचिकाओं को कंपाइल कर सुनवाई चल रही है। हालांकि, कई बार सुनवाई टलती रही है। 3 अगस्त के बाद अब सुनवाई शुरू हुई है।
न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ के सामने जब याचिका सुनवाई के लिए पेश हुई थी तो याची के अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया कि इसी मांग में एक अन्य याचिका पर सुनवाई के लिए नियत है। इस पर न्यायालय ने इस याचिका को इम्तियाज हुसैन की याचिका के साथ संबद्ध करने का निर्देश दिया। इम्तियाज हुसैन की याचिका में मांग की गई है कि राज्य निर्वाचन आयोग को पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले पूरी चुनाव प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से संपन्न करने का विस्तृत कार्यक्रम जारी रखने का निर्देश दिया जाए।
याचिका में कहा गया है कि पंचायत चुनाव 26 मई 2026 या उससे पहले हो जाने चाहिए। इस पर न्यायालय ने राज्य निर्वाचन आयोग से एक हलफनामा मांगा था। न्यायालय ने पूछा था कि आयोग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 ई के जनादेश के अनुसार चुनाव संपन्न कराने की स्थिति में है या नहीं।
न्यायालय का कहना था कि राज्य निर्वाचन आयोग से यह अपेक्षा की जाती है कि चुनाव कराने का पूरा कार्यक्रम अंतिम रूप देकर अगली सुनवाई की तारीख से पहले रिकॉर्ड पर लाया जाए। हालांकिए उसके बाद से इस याचिका पर सुनवाई नहीं हो पा रही है।
17 मार्च को उच्च न्यायालय ने कहा था. "पंचायत चुनाव समय सीमा के भीतर चुनाव क्यों नहीं करवाए जा रहे हैं। संवैधानिक समयसीमा के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी कर पाएंगे या नहीं।" यह सवाल इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने यूपी राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा था। न्यायालय ने ग्राम पंचायत चुनाव. 2026 को लेकर आयोग से चुनाव की तैयारियों की स्थिति साफ करने को कहा है।

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें