रामायण के रंग में सजेगी रामनगरी, दीपोत्सव में दिखेगा अयोध्या का नया स्वरूप
लखनऊ/अयोध्या, 07 अक्टूबर (वार्ता) दीपोत्सव-2026 में अयोध्या रामायण के विभिन्न प्रसंगों पर आधारित भव्य सजावट और कलात्मक स्थापनाओं से सजी नजर आएगी। प्रमुख प्रवेश मार्गों और चौराहों से लेकर रामकथा पार्क, राम की पैड़ी और सरयू तट तक श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को रामायण की झलक देखने को मिलेगी।अधिकारियों की मानें तो उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने इसके लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है।अयोध्या में छह से आठ नवंबर तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित होंगे, जबकि सात नवंबर को दीपोत्सव का मुख्य आयोजन होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए करीब 10 प्रमुख स्थानों पर रामायण थीम आधारित मार्ग-सूचक लगाए जाएंगे। ये प्रवेश मार्गों, चौराहों और आयोजन स्थलों के आसपास स्थापित किए जाएंगे।
रामकथा पार्क और राम की पैड़ी पर 10-10 सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे। प्रत्येक की थीम और डिजाइन अलग होगी। त्रि-आयामी कलाकृतियों के माध्यम से अयोध्या और दीपोत्सव की झलक प्रस्तुत की जाएगी। लता मंगेशकर चौक से राम की पैड़ी मार्ग तक भी आकर्षक कला स्थापनाएं तैयार की जाएंगी। रामकथा पार्क का स्थायी सांस्कृतिक मंच इस बार नए स्वरूप में नजर आएगा। यहां ध्वनि एवं प्रकाश व्यवस्था, एलईडी स्क्रीन, थीम आधारित सजावट, पुष्प सज्जा और रंगोली के साथ प्रवेश एवं निकास द्वार भी बनाए जाएंगे। इन द्वारों की डिजाइन भारतीय संस्कृति और रामायण के प्रसंगों पर आधारित होगी।
अयोध्या के प्रमुख प्रवेश मार्गों और धर्म पथ पर रामायण थीम के 10 भव्य द्वार बनाए जाएंगे। लखनऊ, सुल्तानपुर और रायबरेली की ओर से आने वाले मार्गों पर बनने वाले इन द्वारों को अलग-अलग डिजाइन और रोशनी से सजाया जाएगा। राम की पैड़ी के निकट पुष्पक विमान थीम पर रोडसाइड स्थापना आकर्षण का केंद्र होगी। राम रथ, राम दरबार और रामायण आधारित झांकी भी तैयार की जाएगी। रामकथा पार्क के समीप हेलीपैड क्षेत्र में भरत मिलाप मंच और पाथवे विकसित किए जाएंगे। सरयू तथा राम की पैड़ी पर आकर्षक फ्लोटर्स लगाए जाएंगे।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि दीपोत्सव में अयोध्या की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक रचनात्मकता के साथ प्रस्तुत किया जाएगा। रामायण आधारित सजावट और प्रकाश व्यवस्था श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को रामनगरी का नया अनुभव कराएगी।
अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य अमृत अभिजात ने बताया कि प्रमुख मार्गों के किनारे रामायण के विभिन्न कांडों और प्रसंगों पर आधारित स्थापनाएं तैयार की जा रही हैं। इनमें लंका कांड समेत प्रमुख प्रसंगों को सरल भाषा में एक-एक पंक्ति के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।

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