जजों को पूछताछ काउंटर के क्लर्क की तरह करना पड़ रहा है: उच्च न्यायालय
यह तल्ख टिप्पणी न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति पदम नारायण मिश्रा की खंडपीठ ने 2023 की दो आपराधिक अपीलों की सुनवाई के दौरान की। प्रयागराज, (दिनेश तिवारी) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आपराधिक अपीलों में पेपर बुक उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर बार.बार सुनवाई टालने की मांग पर नाराजगी जताते हुए कहा जजों को न्यायिक कामकाज के बजाय पूछताछ काउंटर के क्लर्क की तरह काम करना पड़ रहा है। न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति पदम नारायण मिश्रा की खंडपीठ ने 2023 की दो आपराधिक अपीलों की सुनवाई के दौरान यह तल्ख टिप्पड़ी की। न्यायालय ने कहा कि सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करीब 80 प्रतिशत आपराधिक अपीलों में अपीलकर्ताओं के वकील पेपर बुक नहीं मिलने या उसके तैयार होने की जानकारी नहीं होने का हवाला देकर स्थगन मांगते हैं। सुनवाई से पहले यह पता लगाना पड़ रहा है कि पेपर बुक तैयार हुई या नहीं। मामले में दोनों अपीलें 21 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थीं। तब तक उनके पेपर बुक तैयार हो चुके थे। पांच अगस्त को सुनवाई के दौरान अपीलकर्ता के अधिवक्...